क्रिकेट
END OF AN ERA: Rohit Sharma's Lord's ODI Could Be His FINAL Match for India
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आज रोहित शर्मा ने सिर्फ 26 रन बनाए। लेकिन कहानी 26 रन की नहीं है। कहानी उन शॉट्स की है... जो आए ही नहीं।
बचपन से हमने एक ही बल्लेबाज़ देखा है जो तेज़ गेंदबाज़ों को सबसे ज़्यादा आसानी से खेलता था — रोहित शर्मा। पुल शॉट, शॉर्ट बॉल, फ्रंट-फुट पंच... सब कुछ इतना आसान लगता था, मानो गेंदबाज़ी उनके लिए कोई चुनौती ही न हो।
लेकिन आज जोफ्रा आर्चर के सामने वही रोहित शर्मा संघर्ष करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने बार-बार पुल शॉट खेलने की कोशिश की। सिर्फ एक बार गेंद बल्ले के बीचों-बीच लगी। बाकी मौकों पर या तो गेंद शरीर पर लगी, या फिर शॉट पूरा ही नहीं हो पाया।
फुल लेंथ की गेंदें भी, जो पहले आसानी से बाउंड्री बन जाया करती थीं, आज डिफेंस में बदल गईं। ऑफ, मिडिल और लेग स्टंप की वे गेंदें, जिन्हें रोहित अपनी शानदार टाइमिंग और कलाई के दम पर गैप में निकाल देते थे, आज उन्हीं पर टाइमिंग गायब नज़र आई।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उनका एक आसान कैच भी छूट गया। लेकिन जीवनदान मिलने के बाद भी वह अपनी पारी की रफ्तार नहीं बढ़ा सके।
यही वह रोहित शर्मा नहीं हैं, जिन्हें हम वर्षों से देखते आए हैं।
और इसी वजह से 2027 वर्ल्ड कप को लेकर सवाल पहले से भी बड़ा हो गया है।
कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लॉर्ड्स वनडे उनका आख़िरी वनडे मैच हो सकता है। टीम इंडिया के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने इस बात की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने इसे साफ़ तौर पर खारिज भी नहीं किया।
अब सवाल सिर्फ़ संन्यास का नहीं है।
सवाल यह है कि क्या रोहित शर्मा के पास अब भी वही तेज़ रिफ्लेक्स और वही नैचुरल टाइमिंग बची है, जिन पर उनकी पूरी बल्लेबाज़ी टिकी हुई थी?
क्योंकि अगर यह धार धीरे-धीरे कम होने लगी, तो भारत सिर्फ़ एक ओपनर नहीं, बल्कि अपने दौर के सबसे नैसर्गिक और प्रतिभाशाली व्हाइट-बॉल बल्लेबाज़ों में से एक को धीरे-धीरे खोता हुआ देखेगा।
