क्राइम
शामली: आयुष मलिक 'घर वापसी'
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शामली: आयुष मलिक 'घर वापसी' दावों के बीच मामला उलझा, पुलिस जांच जारी
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले का आयुष मलिक धर्मांतरण मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। सोशल मीडिया पर आयुष मलिक की "घर वापसी" के दावे तेजी से वायरल हुए हैं, लेकिन इस मामले में अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आने से स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।
आयुष मलिक, जो एक कारोबारी परिवार से संबंध रखते हैं, के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे का धर्मांतरण विवाह के बहाने कराया गया और इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है, जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है।
मामले के दौरान आयुष मलिक, जिन्होंने अपना नाम मोहम्मद अली बताया, ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्होंने अपनी इच्छा से वर्षों पहले इस्लाम धर्म स्वीकार किया और उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। उन्होंने उस समय यह भी कहा था कि वह हिंदू धर्म में वापस नहीं लौटेंगे।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर आयुष मलिक की कथित "घर वापसी" के दावे वायरल हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से भी ऐसी किसी पुष्टि का सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि धर्मांतरण स्वेच्छा से हुआ था या किसी प्रकार के दबाव, धोखाधड़ी अथवा फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। जांच के तहत निकाहनामा, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
यह मामला प्रेम संबंध, धर्मांतरण, कथित फर्जी दस्तावेज और पारिवारिक आरोप-प्रत्यारोप जैसे कई पहलुओं से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील बना हुआ है। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
